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मौत के 11 मिनट बाद लौटी महिला, जन्नत और जहन्नुम' का चौंकाने वाला खुलासा! ?


विज्ञान भले ही मृत्यु को जीवन का अंतिम सत्य मानता हो, लेकिन अमेरिका की एक महिला ने इस धारणा को चुनौती दी है. 68 वर्षीय शार्लोट होम्स ने दावा किया है कि वह मेडिकल रूप से पूरे 11 मिनट के लिए ‘मर’ चुकी थीं और इस दौरान उन्होंने जन्नत और जहन्नुम दोनों की यात्रा की. शार्लोट का कहना है कि यह ‘अजीबोगरीब’ अनुभव उनकी पूरी जिंदगी बदल चुका है और वह इस रहस्य को दुनिया के साथ साझा कर रही हैं.

मौत के मुंह से वापसी

यह चौंकाने वाली घटना सितंबर 2019 में हुई थी, जब शार्लोट एक नियमित हृदय जांच के लिए अस्पताल गई थीं. अचानक उनका ब्लडप्रेशर बढ़कर खतरनाक स्तर 234/134 पर पहुंच गया. डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया. उनके पति डैनी उनके साथ ही थे. शार्लोट की हालत बिगड़ती चली गई. आखिरकार, एक वक्त ऐसा आया जब मेडिकल टीम की आंखों के सामने ही उनका दिल 11 मिनट के लिए थम गया. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. शार्लोट ने इस दौरान जो महसूस किया, वह किसी कल्पना से कम नहीं है.

संगीत की धुन पर जन्नत में झूम रहे थे लोग!

शार्लोट ने अपने अनुभव को याद करते हुए बताया कि जब डॉक्टर उन्हें होश में लाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें चारों ओर सबसे खूबसूरत फूलों की खुशबू और मधुर संगीत सुनाई दे रहा था. उन्होंने खुद को अपने शरीर से ऊपर हवा में देखा. उन्होंने कहा, “मैंने अपनी आंखें खोलीं और मुझे पता था कि मैं कहां हूं. मुझे पता था कि मैं स्वर्ग में हूं.” शार्लोट के अनुसार, स्वर्ग की सुंदरता हमारी कल्पना से लाखों गुना ऊपर है. वहां हरियाली, पेड़ और घास सब कुछ संगीत की धुन पर झूम रहा था, मानो हर चीज़ ईश्वर की आराधना कर रही हो. उन्हें स्वर्गदूतों ने मार्गदर्शन दिया और वहां भय का नामोनिशान नहीं था. यह ‘परम आनंद’ जैसा था.

खोए हुए बेटे से मुलाकात और माता-पिता का दीदार

इस दिव्य यात्रा के दौरान शार्लोट की मुलाकात उन सभी प्रियजनों से हुई जिन्हें वह खो चुकी थीं, जिनमें उनके माता-पिता, बहन और अन्य रिश्तेदार शामिल थे. सबसे भावुक पल तब आया जब उन्हें एक छोटे बच्चे से मिलवाया गया. शार्लोट समझ नहीं पा रही थीं कि वह बच्चा कौन है, तभी उन्हें ईश्वर की आवाज़ सुनाई दी. उन्होंने बताया कि यह उनका वह बच्चा है, जिसे उन्होंने साढ़े पांच महीने की गर्भावस्था में खो दिया था. उन्होंने बच्चे को गोद में उठाकर कहा, “शार्लोट, यह एक लड़का है.”

दुर्गंध और चीखों से भरा भयानक नर्क

स्वर्ग की अतुलनीय सुंदरता देखने के बाद शार्लोट ने दावा किया कि भगवान उन्हें कुछ देर के लिए नर्क भी ले गए. यह अनुभव असहनीय और भयानक था. उन्होंने नीचे देखा और उन्हें सड़े हुए मांस जैसी दुर्गंध आई. चारों ओर केवल चीखें सुनाई दे रही थीं.उन्होंने बताया कि उन्हें यह इसलिए दिखाया गया, ताकि वह चेतावनियों के रूप में लोगों को बता सकें कि अगर वे अपना व्यवहार नहीं बदलते हैं, तो उनका क्या अंजाम होगा. वापस जाकर ये सब साझा करो”

नर्क का अनुभव खत्म होने के बाद शार्लोट ने अपने पिता की आवाज़ सुनी, जिन्होंने कहा कि “तुम्हारे पास वापस जाकर ये सब साझा करने का समय है.” इसके तुरंत बाद उन्हें लगा जैसे वह वापस अपने शरीर में समा रही हों. दर्द महसूस होते ही वह ‘जिंदा’ हो गईं. दो हफ़्ते अस्पताल में बिताने के बाद शार्लोट पूरी तरह से ठीक हो गईं और तब से वह इस जीवन बदलने वाले अनुभव को दुनिया के साथ साझा कर रही हैं.
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